inspirational article | gandhi jayanti special Mhatma Gandhi is a thought not a man | जरा सोचिये ? गांधी एक व्यक्ति नहीं अपितु एक सोच है, एक सिद्धांत है, एक जीवन है

                 inspirational article |  gandhi jayanti special |

                     Mhatma Gandhi is a thought not a man | 
                                   गांधी एक व्यक्ति नहीं 

                  अपितु एक सोच है, एक सिद्धांत है, एक जीवन है   


 inspirational article  | gandhi jayanti special  Mhatma Gandhi is a thought not a man  सत्य ,अहिंसा ,भाई चारा, एकता ,अखंडता  के सिद्वांत के  बिना ही आज देश में नई नई समस्याएं पैदा हो रही है | उन समस्याओं  के हल निकालने ,अपनी गलतियों को स्वीकारने  ,सच को सामने लाने के बजाय  Mhatma Gandhi is a thought not a man  को समझने की बिलकुल भी कोशिश नहीं की जा रही है | बल्कि  गालियों  और गोलियों की बौछारों  से  सत्य को सामने आने से रोकने के हथकंडे  अपनाये जाए रहे है |  inspirational article  | gandhi jayanti special  Mhatma Gandhi is a thought not a man  जरा सोचिये ?

    जिस व्यक्ति ने माहत्मा गाँधी की एक भी  सोच  को समझ  लिया ,एक भी विचार को अपना लिया ,स्वीकार लिया उसे जीवन  के लिए एक लक्ष्य मिल सकता है  |

 महात्मा गाँधी ने   सत्य, अहिंसा, क्षमा पर बल दिया क्षमा माँग लो या क्षमा कर दो | एक बार में सच बोल दो या झूठ पर झूठ बोलते जाओ  | गुस्सा क्रोध हिंसा कितनी भी कर लो अंत  में सब  कुछ खो जाने के बाद ,जोश ठंडा हो जाने के बाद, हालात समझ में आने के बाद पछतावा,  हमेशा  गुस्सा क्रोध  और हिंसा करने का ही होता है | चाहे वो हमारे द्वारा  की गई हो या दूसरों के द्वारा |



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क्षमा करना क्षमा मांगना सच बोलना और अहिंसा में विश्वास करना बहुत  कम लोगों के बस की बात होती है |  इसलिये उन्हें स्वीकारने  वाले भी बहुत कम संख्या में होते हैं |  लेकिन जो होते हैं उन्हें इनका मूल्य पता है, इनकी
 कीमत पता है  | वो ये जानते हैं की इनका आकलन आर्थिक मूल्यों में नहीं किया जा सकता |  इनका आंकलन तो जीवन मूल्यों में किया जाता है | आर्थिक  मूल्यों को पाने के लिए हम जीवन मूल्यों  का हास्  कर रहे हैं | 

 यही वजह है की आज हिंसा का तांडव चाहे वो मोब लीचिंग के रूप में हो, शोषण के रूप में हो, अत्याचार के रूप में ,  हो धार्मिक सहिष्णुता के रूप में हो ,अनैतिकता के रूप में हो,   घरेलू हिंसा के रूप में हो |  यह  हिंसा  किसी भी रूप में हो समज के लिए घातक ही साबित हो रही है |




विडंबना  यह है  कि सच बोलने की हिम्मत जुटा  पाना कठिन हो गया है |  क्षमा मांगने  और क्षमा करने वालों को निर्बल समझा जाने लगा है  |  अहिंसा के पक्षधर और अहिंसा की बात  करने  वालों को दूसरे गाल पर थप्पड़ खाने वाला डरपोक और कायर इंसान समझा जाने लगा है |

 लेकिन इन सब के बावजूद भी आज समाज को महात्मा गाँधी के सत्य अहिंसा के सिद्धांतों की सख्त आवश्यकता है |  क्योंकि  गांधी एक व्यक्ति नहीं अपितु एक सोच है, एक सिद्धांत है, एक  जीवन है  अदालतें भी  सरकारों को हिंसा रोकने के उपाय करने के आदेश दे रही है | और सरकारें  हिंसा की प्रवृत्ति रोकने में नाकाम रही है |


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हिंसा की प्रवृत्ति रोकने  के लिए सत्य अहिंसा और क्षमा से अच्छे सिद्धांत  कोई  नहीं हो सकते |  महात्मा गांधी के इन  सिद्धांतों ने 200 वर्षों से राज करने वाले  अंग्रेजो  के नाक में दम कर उन्हें  भारत छोड़ने पर मजबूर कर दिया था |  लेकिन तब  आवाम ने भी सत्य   अहिंसा के सिद्दान्तों का पालन किया  था , खुल  कर समर्थन  किया था  |  

आज अहिंसा की  वजह से सामाजिक ,  पारिवारिक और राष्ट्रीय एकता खतरे में है | आज साबरमति का यह संत भले ही हमारे साथ नहीं है लेकिन गाँधी जयंती के अवसर पर gandhi jayanti special  Mhatma Gandhi is a thought not a man  के सिद्धांत को अपनाकर  सामाजिक और पारिवारिक हिंसा को रोककर सामाजिक और  राष्ट्रीय एकता मजबूत की जा सकती है |

 झूठी शान और शौकत का दिखावा करने ,अहं और वहम को पालने, गालियों  और गोलियों की बौछारों को बेवजह सहने से ज्यादा अच्छा है ऐसे माहौल को बदलने के लिए दूसरे गाल पर थप्पड़ खाना | |  दूसरे गाल पर थप्पड़ खाने से यदि गोलियों और गालियों से  मुक्ति मिलती है तो यह तय है एक ना एक दिन अमन  चेन जरूर लौटेगा | 



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  परन्तु उसके लिए धैर्य और सहनशीलता की आवश्यकता  पड़ेगी त्याग और  समर्पण की जरूरत पड़ेगी | यह मानना पड़ेगा कि  Mhatma Gandhi is a thought not a man  | है हिम्मत तो खा कर देखिये  गाल पर थप्पड़ और कर लीजिये सहन | या फिर पाले  रखिये झूठा अहंकार  खुद भी  कीजिये  और दूसरों  को भी करने दीजिये  गालियों  और गोलियों की बौछारें  | 

कैसी विडंबना है थप्पड़ तो सहन कर नहीं  सकते लेकिन गालियों  और  गोलियों को  बर्दाश्त किये जा रहें  है | झूठे स्वाभिमान से आने वाली पीढ़ी को भी  सत्य ,अहिंसा ,भाई चारा, एकता अखंडता   के सिद्दांतो  से दूर रखिये फिर जीने दीजिये उन्हें भी दहशत ,हिंसा ,गालियों  और गोलियों के माहौल में |

  inspirational article  | gandhi jayanti special  Mhatma Gandhi is a thought not a man  सत्य ,अहिंसा ,भाई चारा, एकता ,अखंडता  के सिद्वांत के  बिना ही आज देश में नई नई समस्याएं पैदा हो रही है | उन समस्याओं  के हल निकालने ,अपनी गलतियों को स्वीकारने  ,सच को सामने लाने के बजाय  Mhatma Gandhi is a thought not a man  को समझने की बिलकुल भी कोशिश नहीं की जा रही है | 

बल्कि  गालियों  और गोलियों की बौछारों  से  सत्य को सामने आने से रोकने के हथकंडे  अपनाये जाए रहे है |  inspirational article  | gandhi jayanti special  Mhatma Gandhi is a thought not a man  जरा सोचिये ?

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