इंसान सिर्फ अपने तक ही सीमित क्यों होता जा रहा है ?
इंसान सिर्फ अपने तक ही सीमित क्यों होता जा रहा है ? यह बात सच है की इंसान आज अपने तक ही सीमित होता जा रहा है | जो आने वाले समय में सामाजिकता के लिए बहुत बड़ी चुनौती बन जायगा | किसी जमाने में हम दो हमारे दो छोड़ आज हर व्यक्ति हम दो हमारा एक या हमारी एक तक सीमित होता जा रहा है | कहा जाता है सीमित परिवार सुखी परिवार ये बात सही भी है | एक समय था जब घर में कमाने वाला एक होता था और खाने वाले 8 -10 होते थे तब भी आदमी बिना तनाव के हंसी ख़ुशी अपने बच्चो का पालन पोषण करता था ,सामाजिक रिति रिवाजों में शरीक होता था | समय और वक्त ने इन्सान की सोच बदली और एक सामजिक बदलाव की बात सामने आने लगी | लोग शिक्षा के महत्व को समझने लगे अपने बच्चो को अच्छी शिक्षा दिलाने के लिए और समाज में जागरूकता लाने के लिए छोटे परिवार की आवश्यकता पर बल दिया जाने लगा | ...