बुरे लोगों को चलन में लाने से बचने का एक मात्र उपाय
बुरे लोगों को चलन में लाने से बचने का एक मात्र उपाय व्यक्ति का स्वभाव अक्सर परिवार की खुशहाली के लिए जिम्म्मेदार होता है | हर परिवार हर समाज में अच्छे लोगो की संख्या की कोई कमी नहीं है | समाज में हर परिवार में अच्छे लोगो की संख्या अधिक होती है | बुरे लोगो की कम | फिर भी अच्छे लोगो का अभाव महसूस किया जाता है | जरा सोच कर देखिये ऐसा क्यों होता है ? मित्रों, दोस्तों ऐसा इसलिए होता है कि बुरे लोग अच्छे लोगो को चलन से बाहर कर देते है | प्रख्यात अर्थ शास्त्री ग्रेशम का यह सिद्वान्त है कि बुरी मुद्रा अच्छी मुद्रा को चलन से बाहर कर देती है ठीक उसी प्रकार सामाजिक सिदांत है कि बुरे लोग अच्छे लोगो को चलन से बाहर कर देते है | जब कहीं कोई विवाद होता है चाहे वो घर परिवार में हो, पास पड़ोस में हो, पति पत्नी में हो या समाज में | गलत व्यक्ति या बुरे व्यक्ति को समझना ज्यादा कठिन होता है | अक्सर नुक्सान भी समझदार व्यक्ति को ही उठा...