आपसी समझाईश, सूझ- बूझ प्रेम, प्यार से भी अनुशासन सिखाया जा सकता है parenting tips
आज के इस महंगाई के दौर में बच्चों को पाल पोस कर बड़ा करना बड़ा मुश्किल काम हो गया है | बच्चे मासूम होतें हैं, नासमझ होतें हैं, कोमल होतें हैं, प्यारे होतें हैं | इसी वजह से उनमे भगवान का वास नज़र आता है | जो लोग यह बात समझते हैं उन्हें बच्चों की पीड़ा देखकर बड़ा कष्ट होता है | https://goo.gl/images/JXtgGv कई बार मासूमियत और नासमझी की वजह से बच्चे गलतियां कर बैठते हैं और आर्थिक नुकसान करवा देतें हैं | ऐसी स्थिति में हमें गुस्सा आ जाता है | कई बार पढाई - लिखाई में शिकायत मिलने पर भी हमें गुस्सा आ जाता है | कई बार बच्चों की शरारतों की वजह से हम अपने आप को अपमानित महसूस करतें हैं और इन्ही शरारतों और शिकायतों की वजह से हम बच्चों को अनुशासित रखना चाहतें हैं | https://goo.gl/images/APPP1X अनुशासन सीखाने के लिए दंड स्वरुप हम मार -पीट का सहारा लेते हैं | कई बार तो लोग बच्चों की पिटाई इस कदर करतें हैं की उन्हें गंभीर चोंटें तक आ जाती है | याद करके देंखें क्या बचपन में आप से गलतियां नहीं हुई ? क्या बचपन में आपसे नुकसान नहीं हुआ ? क्या बचपन में मोहल्ले के लोग आपकी शिकायत लेकर...