क्या हम सही मायने में आधुनिकता को समझ पा रहे है ?
आज हम आधुनिकता का सही अर्थ नहीं समझ पा रहे हैं | मात्र हम फैशन और शोक को आधुनिकता समझ रहे हैं अपने आप को फैशन और स्टाइलिश पाश्चात्य तौर तरीके में ढालने को हम आधुनिकता समझ रहे हैं | और इन्ही तरीकों से हम लोगों के आधुनिक होने और न होने का अंदाजा लगा रहे हैं | https://goo.gl/images/DP5dYG जबकि फैशनेबल होना न होना पाश्चात्य संस्कृति को अपनाना न अपनाना हमारा शौक हो सकता है हमारी सभ्यता का प्रतिक नहीं हो सकता | सभ्यता फ़ैशन और स्टाइल के द्वारा भी झलक सकती है और बिना फैशन किये हुए भी | फैशन और स्टाइल के माध्यम से हम अपने आप को सुंदर दिखाने की कोशिश करते हैं और अक्सर लोग इसे ही बिना सोचे समझे आधुनिकता मान रहे है | जबकि सुंदरता प्राकृतिक होती है व्यक्ति की सुंदरता उसकी स्टाइल मात्र से या पहनावे के फैशन से नहीं झलकती बल्कि उसके प्राकृतिक रंग रूप से उसके प्राकृतिक हाव भाव से उसके प्राकृतिक स्वाभाव से झलकती है | https://goo.gl/images/SZfJfL ...