संदेश

क्या हम सही मायने में आधुनिकता को समझ पा रहे है ?

चित्र
आज हम आधुनिकता का सही अर्थ नहीं समझ पा रहे हैं  |  मात्र हम फैशन और शोक को आधुनिकता  समझ रहे हैं अपने आप को फैशन और स्टाइलिश पाश्चात्य तौर तरीके में ढालने को  हम आधुनिकता समझ रहे हैं |  और इन्ही तरीकों से हम लोगों के आधुनिक होने और  न होने का अंदाजा लगा रहे हैं | https://goo.gl/images/DP5dYG   जबकि फैशनेबल होना न होना पाश्चात्य संस्कृति  को अपनाना न अपनाना हमारा  शौक हो सकता है हमारी सभ्यता का प्रतिक नहीं हो सकता |  सभ्यता  फ़ैशन  और स्टाइल के द्वारा भी झलक सकती है और  बिना फैशन किये हुए भी |  फैशन और स्टाइल के माध्यम से हम अपने आप को सुंदर दिखाने की कोशिश करते हैं और  अक्सर लोग इसे ही  बिना सोचे समझे आधुनिकता  मान रहे है |  जबकि सुंदरता प्राकृतिक होती है व्यक्ति की सुंदरता उसकी स्टाइल मात्र से या पहनावे के  फैशन  से नहीं झलकती बल्कि उसके प्राकृतिक रंग रूप से उसके प्राकृतिक हाव भाव से उसके प्राकृतिक स्वाभाव से झलकती है  | https://goo.gl/images/SZfJfL  ...

सुविधा संपन्न होने के बाद भी लोग आज सुख शांति तलाश रहें हैं क्यों ?

चित्र
जीवन में आज हर व्यक्ति घुटन महसूस कर रहा है| भागदौड़ और टेंशन की जिंदगी में कई ऐसे कारण है जो हर व्यक्ति की इस घुटन को बढ़ा रहे हैं| कुछ कारण ऐसे हैं जो आम जीवन का हिस्सा बन गए हैं| हर किसी को हम कहते हुए सुन सकते हैं, समय नहीं है, आर्थिक समस्या चल रही है, हर महीने डॉक्टर का बिल भरना पड़ता है, नौकरी का भरोसा नहीं है, बिजनेस बदलना चाहता हूँ ,बच्चों की लाइफ का सवाल है उन्हें अच्छी शिक्षा दिलाना चाहता हूं, पति पत्नी दोनों कमाते हैं फिर भी खर्चा नहीं चल रहा है, किस्मत साथ नहीं दे रही है,मैं तो दुखी हो गया हूँ क्या करूँ?  https://goo.gl/images/3xXD5T  दोस्तों यह वो कारण है जिनसे कोई व्यक्ति अछूता नहीं है चाहे अमीर हो या गरीब हर व्यक्ति अपने आप को सुविधा संपन्न बनाना चाहता है | हर व्यक्ति चाहता है उसके बच्चों का करियर बने| हर व्यक्ति चाहता है उसके पास अथाह धन दौलत हो | परन्तु होगी कैसे इस पर सही तोर पर अमल करना भी जरूरी है  सुविधा संपन्न होना कोई बुरी बात नहीं है | बच्चों का कैरियर बनाना बहुत अच्छी बात है| अथाह धन दौलत होना भी कोई बुरी बात नहीं है | बुरा सिर्फ इसमें इ...

आओ नया साल मनाए हाथ जोड़कर शीश नवाएँ

चित्र
आओ नया साल मनाए हाथ जोड़कर शीश नवाएँ लोगों से कर लो रे वंदन नए साल का करो अभिनन्दन सड़कों पर न जाम लगाओ बेटी का तुम मान  बढ़ाओ सूरज को दीपक न दिखाओ पूनम को मावस न बताओ बेटों को तुम चाहने वालों बेटों को तुम ये   समझाओ माँ का दूध पिया तुमने तो माँ के  दूध की लाज बचाओ https://goo.gl/images/b8Kk4V                                                                                आओ नया साल मनाए हाथ जोड़कर शीश नवाएँ                                                                                लोगों से कर लो रे वंदन नए साल का करो अभिनन्दन         ...

जीवन में खुशी का बड़ा महत्व है

चित्र
जीवन में खुशी का बड़ा महत्व है | खुश रहने का संबंध हमारे स्वास्थ्य से होता है | जिस तरह से हरियाली या प्राकृतिक दृश्यों को देखकर मन प्रसन्न होता है, खिले हुए फूलों को देख कर खुशी मिलती है, उसी तरह लोगों के प्रसन्न और खिले हुए चेहरों को देख कर खुशी मिलती है | कई लोग अपने उन मित्रों से सिर्फ इसलिए मिलना पसंद करते हैं कि उनके चेहरे हमेशा फूलों की तरह खिले नजर आते हैं | उनमें उत्साह नज़र आता है उमंग होती है |  https://goo.gl/images/7n7kQY  जिन चेहरों पर हमेशा उदासी झलकती है , चिंता की लकीर हमेशा नजर आती है, जो लोग चेहरे से ही दुख प्रकट कर देते हैं, ऐसे लोगों से लोग कम मेलजोल रखते हैं और उनके दुखों में लोग दिल से शामिल नहीं होना चाहते | ऐसे लोगों का असली दुःख कभी पता ही नहीं चल पाता है| जिन लोगों के चेहरे पर हमेशा प्रसन्नता रहती है उनका दुख तुरंत पता चल जाता है | और ऐसे लोगों के दुख दर्द में लोग तुरंत और दिल से शामिल होते हैं  https://goo.gl/images/EPrjVM | जो लोग खुश मिजाज नहीं होते हैं उनके लहजे हमेशा शिकायत भरे होते हैं| जबकि एक खुशमिजाज व्यक्ति...

मानना न मानना सुनना न सुनना समझना न समझना के इर्द गिर्द घूमता है हमारा जीवन

चित्र
यह जीवन वास्तव में इतना बुरा नहीं है जितना हमने बना दिया दुःख जीवन में इतने नहीं हैं जितने हमने मोल ले लिए लोग  इतने बुरे नहीं हैं जितने हमे दिखाई देने लगे हैं फर्क सिर्फ नजरिये का है |  बात मानने  न  मानने  का है, समझने  और न समझने का है,  देखने और न देखने का है, कहने और न कहने का है, सुनने और न सुनने का है, सकारात्मक और नकारात्मक सोच का है |  https://goo.gl/images/w8YGSc  अक्सर यह कहा जाता है मेरी कोई बात मानता  ही नहीं है पहले तो यह बताओ आज तक जितनी मानी  उसका क्या हिसाब है? दूसरी बात यदि नहीं भी मानी तो इतना बवाल क्यों? और यदि आपकी मान ली तो जिनकी नहीं मानी  वो क्यों दुखी हैं ?इस बात को समझने  वाले कितने लोग हैं ?और न समझने वालों की लाइन तो  बहुत ही  बड़ी होगी इस समझने और न समझने के  खेल को  समझा समझा कर लोग थक गए और इसी वजह से अंतिम वाक्य के रूप में ये वाक्य काम में लिए जाते हैं कौन माथा फोड़ी करे ? कौन समस्या मोल ले ?  समझकर कौन बेइज्जती कराएगा ? यही नकारात्मकता हमे  ही नहीं ...

स्वतंत्रता के सदुपयोग से सुधारी जा सकती है सामाजिक और पारिवारिक व्यवस्था

चित्र
आज बिगड़ती सामाजिक व्यवस्था हर व्यक्ति की चिंता का कारण  बनती जा रही है |  चाहकर भी सामाजिक सुधार हम नहीं कर पा  रहें हैं  | शिक्षा  सामाजिक व्यवस्था सुधरने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा  करती है  है | बच्चों की शिक्षा पर हम आवश्यकता से भी अधिक खर्च कर रहें हैं लेकिन इसके बावजूद हम सामाजिक   सोच नहीं बदल पा  रहें हैं शिक्षा का सामाजिक उदेश्य  पूरा नहीं कर पा  रहें हैं | https://goo.gl/images/vGv19r  कानून हमारी सुरक्षा के लिए होतें हैं | कानून की मदद से सामाजिक व्यवस्था सुधारी जा सकती  है लेकिन कानूनों का  भी दुरूपयोग बढ़ता जा रहा है | शिक्षा और कानून की मदद  से हम स्वतंत्र होकर जीवन जी सकतें हैं |   स्वतंत्रता चाहे  एक नागरिक  के रूप में हो खान पान  की मिले   या  सड़क पर चलने की स्वतंत्र होकर     अधिकारों  के प्रति हम तुरंत जागरूक होते है  लेकिन कर्तव्यों को हम अनदेखा कर देते है | https://goo.gl/images/FqSxQs भ...

इसे पढ़ने के बाद मन की बात शेयर करने में नहीं हिचकिचाएंगे

चित्र
नमस्कार दोस्तों , आप भी अपने मन की बात किसी से शेयर करने में हिचकिचाते है |  यदि हाँ तो आप बहुत बड़ी गलती करते है |  अपने मन में भरी हुई हीन  भावना को निकलने   और अपने परिवार , रिश्ते नातो को दुखी होने से बचने के लिए मेरा यह आर्टिकल अवश्य पढ़े |  यह आर्टिकल आप के डर  को दूर करने में सहायक होगा |  क्या गलती बताने से इंसल्ट होने का डर रहता है ? अधिकतर लोग अपने जीवन में यह गलती करते हैं कि न जाने किस वजह से वह अपने मन की बात किसी से कह नहीं पाते हैं | और इस वजह से अपने मन के अंदर ही अंदर घुट-घुट कर जहर बनाते रहते हैं | सोचो जब जहर अपना असर दिखाता है तो क्या होता है ? यह जहर किसी न किसी के लिए अवश्य नुकसानदायक होगा | इसलिए किसी ना किसी से अपने मन की बात जरुर शेयर करें | अपने मन को हल्का रखें |   कभी कभी आपको ऐसा लगता है कि मन की बात कहें किससे ? माँ से कहेंगे तो समस्या पिता से कहने की   हिम्मत नहीं |  पति से कहेंगे तो परिवार में क्या पता क्या बवाल खड़ा हो जाएगा ? पत्नी से कहा तो ओर मुसीबत हो जाएगी |  बच्चों से तो य...