पनाह मुझे भी चाहिए इस छोटे से शामियाने मै
पनाह मुझे भी चाहिए इस छोटे से शामियाने मै
हिंसा का तांडव फैला है सारे आशियाने मै ,
देर बहुत ही कर दी तुम ने मुझे समझाने मै
क्योंकि हाथ तो मेरा भी था हिंसा फ़ैलाने मै ,
बातें तो सिद्दांतो की बड़े फ़क्र से करता हूँ मै अभी
लेकिन सिद्दांतो को अपने ऊपर लागू नहीं होने देता हूँ मै कभी
गाँधी और भगत सिंह पैदा हो चाहता बहुत हूँ मै भी
इल्तजा इतनी है मेरे मालिक मेरी कोठी में नहीं पड़ोस की झोंपड़ी में हों
हिंसा का तांडव फैला है सारे आशियाने मै ,
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| https://goo.gl/images/vGFXzJ |
देर बहुत ही कर दी तुम ने मुझे समझाने मै
क्योंकि हाथ तो मेरा भी था हिंसा फ़ैलाने मै ,
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| https://goo.gl/images/asQcjA |
बातें तो सिद्दांतो की बड़े फ़क्र से करता हूँ मै अभी
लेकिन सिद्दांतो को अपने ऊपर लागू नहीं होने देता हूँ मै कभी

https://goo.gl/images/iSKNHm
गाँधी और भगत सिंह पैदा हो चाहता बहुत हूँ मै भी
इल्तजा इतनी है मेरे मालिक मेरी कोठी में नहीं पड़ोस की झोंपड़ी में हों


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