Aaradhna movie review मूवी जिसने राजेश खन्ना को बुलंदी के शिखर पर पहुंचाया
Rajesh Khanna Aaradhna Movie Review
मूवी जिसने राजेश खन्ना को
रातों रात बुलंदी के शिखर पर पहुंचा दिया
आज हम आपको बताने जा रहे है rajesh khanna Aradhna movie के बारे में जिस फिल्म ने राजेश खन्ना को रातों रात सुपर स्टार बना दिया था |
हिंदी सिनेमा के पहले सुपर स्टार बनने का राजेश खन्ना का यह सफर आराधना फिल्म से ही शुरू हुआ था | यदि आप जानना चाहते है और कौन - कौन सी फिल्में है जिन्होंने राजेश खन्ना को बॉलीवुड का पहला सुपर स्टार बनाया ? तो यह जांनने के लिए हमारी इस पोस्ट को देखें जिसका लिंक नीचे दिया गया है |
एक बात और आज से हम राजेश खन्ना की 1969 से 1971 बीच रिलीज हुई उन सभी सुपर हिट फिल्मों बारे बताएंगे जिन्होंने राजेश खन्ना को पहला सुपर स्टार बनाया | यदि आप भी राजेश खन्ना के फैन है तो पढ़ते रहिये हमारी आने वाली पोस्ट को |
Rajesh Khanna Shrmila Tegore super hit movie Aradhna Review | राजेश खन्ना ki आराधना फिल्म in hindi----Watch on youtube
फिल्म आराधना स्टार कास्ट
फिल्म आराधना रिलीज हुई थी 7 नवंबर 1969 को फिल्म के निर्माता, निर्देशक है शक्ति सामंत | कथा पटकथा लिखी थी सचिन भौमिक ने |
संवाद लिखे थे रमेश पंत ने | संगीतकार एस डी बर्मन और गीतकार थे आनंद बक्शी | फिल्म में मुख्य भूमिका में नजर आये थे राजेश खन्ना , शर्मिला टैगोर, अशोक कुमार , अभिभटाचार्य , सुजीत कुमार, मदन पूरी , मनमोहन, फरीदा जलाल , असित सेन |
फिल्म के मधुर गीत संगीत को स्वर दिया है किशोर कुमार , लता मंगेशकर, मोहम्मद रफी , आशा भोंसले, एस डी बर्मन , फिल्म में 7 गीत रखे गए थे सातों गीत हिट हुए थे |
आराधना मूवी गाने
जिनमे बागो में बहार है जिसे गया था मोहम्मद रफ़ि लता मंगेशकर ने , मेरे सपनो की रानी कब आएगी तू किशोर कुमार ने | गुन गुना रहे है भंवरे खिल रही है कली कली जिसे स्वर बद किया था मोहम्मद रफ़ि आशा भोंसले ने |
कोरा कागज था ये मन मेरा किशोर कुमार और लता मंगेशकर ने गया था | चंदा है तू मेरा सूरज है तू लता जी की मधुर आवाज है | रूप तेरा मस्ताना भूल कोई हम ना हो जाये किशोर कुमार का यादगार गीत भी इसी फिल्म का है | एस डी बर्मन का गाया गीत सफल होगी तेरी आराधना |
फिल्म की स्टोरी की बात की जाये तो फिल्म की कहानी एक ऐसी लव स्टोरी है जिसमे फिल्म की हीरोइन शर्मिला टैगोर और हीरो राजेश खन्ना मंदिर में किसी को बताये बीना एक दूसरे को पति पत्नी मान लेते है |
फिल्म आराधना स्टोरी story
शर्मिला टैगोर के बॉय फ्रेंड राजेश खन्ना एयर फ़ोर्स में है | परिस्थितियां इस तरह की पैदा हो जाती है की भारत चाइना की जंग शुरू हो जाती है और राजेश खन्ना उस जंग में शहीद हो जाते है | फिल्म उस समय मोड़ लेती है जब शर्मिला टैगोर को पता चलता है की वह बिन ब्याहे ही राजेश खन्ना के बच्चे की माँ बनने वाली है |
वह अपने पिता को साथ लेकर राजेश खन्ना के परिवार वालो से मिलती है | परन्तु राजेश खन्ना के परिवार वाले उसे आवारा बच्चलन लड़की कह कर स्वीकार करने से मना कर देते है | इस सदमे को शर्मिला के पिता सहन नहीं कर पाते है और वो भी दुनिया को अलविदा कह जाते है |
शर्मिला टैगोर बच्चे को जन्म देती है लेकिन एक अकेली औरत का जीना दुनिया में कितना मुश्किल होता है यह फिल्म की आगे की कहानी से पता चलता है जब एक खून का इल्जाम शर्मिला टैगोर पर लगता है जो उसने नहीं किया उसकी सजा भी वह काट चुकी होती है |
आखिर क्यों हुआ था यह खून ?किसने किया था यह खून ?और क्यों लिया था शर्मिला टैगोर ने यह इल्जाम अपने ऊपर ? यह जानने के लिए आपको राजेश खन्ना शर्मिला टैगोर की सुपर हिट फिल्म आराधना देखनी होगी |
Rajesh Khanna Shrmila Tegore super hit movie Aradhna Review | राजेश खन्ना ki आराधना फिल्म in hindi----Watch on youtube
बात करते है फिल्म के un known फैक्ट्स के बारे में
1 फिल्म आराधना को सर्वश्रेष्ठ फिल्म के लिए शक्ति सामंत को तथा सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के लिए शर्मिला टैगोर एवं सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायक के लिए किशोर कुमार को रूप तेरा मस्ताना के लिए फिल्म फेयर अवार्ड से सम्मानित किया गया था गया था |
2 फिल्म आराधना के लिए किशोर कुमार को पहली बार पार्श्व गायन के लिए फिल्म फेयर अवार्ड से नवाजा गया था |
3 मेरे सपनो की रानी गाने में राजेश ऊपर फिल्माया गया जीप वाला सीन दार्जलिंग का है जबकि शर्मिला टैगोर पर फिल्माया गया ट्रेन का दृश्य बॉम्बे में ही स्टूडियो में सेट बनाकर शूट किया गया था बाद में एडिट किया गया था |
4 शर्मिला टैगोर के बेटे का रोल (डबल रोल ) राजेश खन्ना ने निभाया था और राजेश खन्ना के दोस्त प्रकाश का किरदार जिस व्यक्ति ने निभाया था उनका नाम सुनकर चोंकियेगा मत क्योकि वो आज एक बहुत बड़े डायरेक्टर है जी हाँ वो है सुभाष घई जो उस वक्त एक स्ट्रगलर थे |
5 आराधना कितनी बड़ी हिट फिल्म हुई थी इसका अंदाजा लगाया जा सकता है की आराधना हिंदी सिनेमा की पहली फिल्म थी जिसने सिनेमा घर में 100 दिन चलने का रिकार्ड बनाया |
6 17 वाँ फिल्म फेयर अवार्ड समारोह 11 मई 1970 को मनाया गया था जिसमे शर्मिला टैगोर को फिल्म आराधना के लिए सर्वश्रेष्ठ अभनेत्री का पुरुस्कार मिला था पुरुस्कार लेते वक्त शर्मिला टैगोर प्रेग्नेंट थी क्योकि 16 ऑगस्ट 1970 को जन्म हुआ था सैफअली खान का |
7 17 वें फिल्म फेयर पुरस्कार समारोह में बेस्ट फिल्म के लिए नॉमिनेशन थे राजेश खन्ना शर्मिला टैगोर की आराधना संजीव कुमार अशोक कुमार की आशीर्वाद और जितेंद्र तनुजा की जीने की राह बेस्ट फिल्म का अवार्ड मिला था आराधना को |


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