घर परिवार दफ्तर पड़ोस | झगड़े तूतू मैं मैं | easy tips for family disputes in hindi
सही काम को गलत तरीके से मत करो | गलत लगने वाले काम के तरीके सही कर लो
अक्सर आप देखते होंगे घर- परिवार, पास- पड़ोस या दफ्तर में छोटी छोटी बातो पर बड़े बड़े विवाद हो जाते है |
कुछ लोग गलती होने पर भी अपने तर्को से, व्यवहार से दूसरो को प्रभावित कर लेते है जिससे सामने वाला खुश होकर गलती को भी माफ़ कर देता है और अपना नुकसान तक बर्दाश्त कर लेता है | गलत काम को करने का सही तरीका गलत काम को भी सही साबित कर देता है | जबकि सही काम को करने का गलत तरीका सही काम को भी गलत साबित कर देता है |
इसलिए सही गलत में उलझने के बजाय तरीके और परिस्थितियों पर विचार करना जरूरी होता है | विवाद सही गलत काम का नहीं होता विवाद होता है काम के सही गलत तरीको का | गलत लगने वाले काम के तरीके सही कर लो तो गलत लगने वाले काम भी सही लगने लगेंगे | इसलिए सही काम को गलत तरीके से मत करो | सही काम को गलत तरीकों से करके या करवा कर अक्सर हम सही काम को दुनिया की नजरो में गलत साबित करवा देते है |
अक्सर आप देखते होंगे घर- परिवार, पास- पड़ोस या दफ्तर में छोटी छोटी बातो पर बड़े बड़े विवाद हो जाते है |
बातें कुछ ख़ास गलत नहीं होती है सिर्फ काम करने के तरीकों में फर्क होता है | यदि तरीकों को सही कर लिया जाए तो गलत भी सही लगने लगेगा | सास बहू के झगड़े , जिगरी दोस्तो में दुश्मनी , पड़ोसी- पड़ोसी में विवाद , पति पत्नी के बीच तू -तू मैं - मैं अक्सर सही या गलत बातों की वजह से नहीं बल्कि बात को सही या गलत तरीके से पेश करने के परिणाम स्वरूप होते है | यदि आप भी घर परिवार दफ्तर या पड़ोस में विवाद, तू -तू मैं - मैं को निपटाने के सरल उपाय खोज रहे है तो यह आर्टिकल जरूर पढ़े | दूसरों से अपेक्षा करने के बजाय खुद अपने तरीके बदले | विवादों के उपाय बहुत सरल होते है फर्क सिर्फ अहंकार का होता है अहम और वहम का होता है |
कुछ लोग अक्सर अपनी ही धुन में रहते है अपनी जिद की वजह से गलतियाँ कर बैठते है | गलती होने पर उसे मानकर क्षमा मांग लेते है | क्षमा मांग लेना भी एक कला है | वहीं कुछ लोग गलती होने पर मान लेने के बजाय दूसरो पर ही उसका दोष मढ़ने की कोशिश करते है जो बिलकुल गलत है | इससे असमंजस पैदा होता है | तू - तू मैं - मैं और विवाद की प्रमुख जड़ यही है |
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कुछ लोग गलती होने पर भी अपने तर्को से, व्यवहार से दूसरो को प्रभावित कर लेते है जिससे सामने वाला खुश होकर गलती को भी माफ़ कर देता है और अपना नुकसान तक बर्दाश्त कर लेता है | गलत काम को करने का सही तरीका गलत काम को भी सही साबित कर देता है | जबकि सही काम को करने का गलत तरीका सही काम को भी गलत साबित कर देता है |
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इसलिए सही गलत में उलझने के बजाय तरीके और परिस्थितियों पर विचार करना जरूरी होता है | विवाद सही गलत काम का नहीं होता विवाद होता है काम के सही गलत तरीको का | गलत लगने वाले काम के तरीके सही कर लो तो गलत लगने वाले काम भी सही लगने लगेंगे | इसलिए सही काम को गलत तरीके से मत करो | सही काम को गलत तरीकों से करके या करवा कर अक्सर हम सही काम को दुनिया की नजरो में गलत साबित करवा देते है |
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गलत सही के असमंजस ने ही हमारे व्यवहार को प्रभावित कर रखा है , हमारे रिश्तो को बिगाड़ रखा है , जीवन को दुखी कर रखा है | जीवन को आसान बनाना चाहते है तो दुनिया की परवाह किये बगैर क्षमा करना और क्षमा मांगना सीखो | लोग क्या कहेगे ? क्या सोचेंगे ? इस पर सोचने की वजह से ही न तो हम किसी को क्षमा कर पाते है न कोई हमे | न हम किसी से क्षमा मांग पाते है न कोई हम से | यही कारण किसी को भी कुंठित और अहंकारी साबित करने के लिए पर्याप्त होते है | जिस भी तरीके से विवाद निपटाना आसान होता है वही तरीका सही होता है | रिश्ते नाते, यारी दोस्ती, पास पड़ोसी सभी अपने ही होते है यदि जंग अपनों से हो तो हार जाना चाहिए | छोटी छोटी बातो में अहंकार त्याग कर जंग हार जाना ही समझदारी है यही तू-तू मैं-मैं निपटाने का सबसे सरल उपाय है |
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