संदेश

कैसे करें जीवन में परिवर्तन

चित्र
                        परिवर्तन  यदि आप किसी से कहें कि बिल्कुल नाक की सीध में सीधा जाना है| इसका अर्थ यह है, कि हमें बताई गई दिशा में जाना है| इसका यह अर्थ बिल्कुल नहीं है, कि आपको दाईं ओर जाना है, अथवा बाईं और सड़क पर चलना है या फुटपाथ पर ऊपर देखकर चलना है या नीचे देखकर| कहने का अर्थ यह है कि किसी को रास्ता दिखाते समय अंदाजा दिशा का बताया जाता है| रास्ते में आने वाले कंकड़-पत्थर, थोड़ा बहुत घुमाव , गड्ढे , सामने से गलत दिशा में आ रहे लोगों के बारे में नहीं बताया जाता है| ठीक यही बात हमारे जीवन के साथ है| यदि हमें कोई जीवन में सफलता का रास्ता बता रहा है तो उस रास्ते पर आने वाली कठिनाइयों और परेशानियों की जानकारी हमें ही जुटानी पड़ेगी|  और कोई भी सड़क या रास्ता बिल्कुल सीधा नहीं होता है|  रास्ते में गड्ढे भी आते हैं उनसे बचना पड़ता है|  रास्ते में मोड़ भी आते हैं उन पर मुड़ना भी पड़ता है|  रास्ते में गति अवरोध ( speed breaker ) भी आते है...

Hindi article on life - पुराने साल की विदाई और नए साल का स्वागत

चित्र
                   पुराने साल की  विदाई और नए साल का स्वागत  नए साल का स्वागत हम हर वर्ष इस उम्मीद से करते हैं कि 1 जनवरी से हम बहुत कुछ नया करेंगे| लेकिन हमारी यह सोच सिर्फ 1 दिन के लिए होती है| सिर्फ 31 दिसंबर के लिए जिस दिन हम पुराने साल को विदाई देते हैं और नए साल का स्वागत करते हैं| उसके बाद हम पूरा साल उधेड़बुन में निकाल देते हैं| उन चीजों को प्लस कर लेते हैं जिन्हें माइनस करना चाहिए और उन चीज़ों को माइनस कर लेते हैं जिन्हें प्लस करना चाहिए| प्लस यानी जोड़ना और माइनस यानी घटना आज के इस युग में हम प्लस का इस्तेमाल कम कर रहे हैं| और यही वजह है कि दुनिया में अविश्वास की स्थिति पैदा हो रही है| सोच में बहुत अंतर हो गया है| दृष्टिकोण बदल गया है| मानवता मर गई है| पर्यावरण प्रदूषित हो गया है| जीवन भागता - दौड़ता नजर आ रहा है| समय का आभाव हो गया है| रिश्तों में खटास आ गई है| संस्कारों का विलोप हो गया है| चेहरों पर मुस्कराहट खत्म हो गई है| हर व्यक्ति ' तनाव ' नामक वृक्ष को सींच रहा है जिस पर फल ल...

Hindi article on life - आधुनिक शिक्षा की होड़

चित्र
                                     आधुनिक शिक्षा हम सिर्फ किताबी ज्ञान को शिक्षा मान  रहे हैं | जो हमारी बहुत बड़ी भूल है| हर कोई अपने बच्चों को डॉक्टर, इंजीनियर बनाना चाहता है | शिक्षा के क्षेत्र में आधुनिकरण की होड़ लगी हुई है | लेकिन सिर्फ किताबी ज्ञान से हम शिक्षा का आधुनिकरण नहीं कर सकते इस व्यवसायिक दौर में हमारे बच्चों को उच्च शिक्षित होना आवश्यक है लेकिन सिर्फ किताबी ज्ञान से ही नहीं बल्कि आधुनिक होंगे हम विचारों से , सोच से किताबी ज्ञान का अथाह भंडार हमारे देश में भरा हुआ है| लेकिन उसमे छिपे नैतिक ज्ञान की ओर हमारा ध्यान बहुत कम है | या यूं कहें हम नैतिकता को स्वीकार ही नहीं करना चाहते | नैतिकता दिखाएं तो दूसरा , नैतिक बात करें तो दूसरा, नैतिक बात सुने तो दूसरा, समझें तो दूसरा नैतिकता सुनने, समझने के लिए हमारे पास टाइम नहीं हे क्योंकि हमें तो अपने बच्चों को डॉक्टर, इंजीनियर बनाना है हम रात दिन इसी उलझन में हैं |  और इसी वजह से बच्चों की पढ़ाई...

Hindi article on life - ईसा मसीह का जन्म दिन क्रिसमस

चित्र
                                                         मसीहा  ईसा मसीह का जन्म दिन ' क्रिसमस ' बड़े दिन के  रूप में मनाया जाता हे | अपने जीवन  को दांव पर लगाकर दूसरों के जीवन को सुधारना हर किसी के बस की बात नहीं यह सिर्फ महापुरुष ही कर सकते हैं | सोचकर देखें  हमें कोई घूरकर देखे तो हम उसकी आँख फोड़ने पर आमादा हो जाते हैं|  इतना गुस्सा हमारे मन में भरा हुआ होता हे | जबकि ईसा मसीह ने उन लोगों को भी क्षमा करने की प्रार्थना ईश्वर से की जिन्होंने उनके साथ दुर्व्यहार किया|                  यहां तक की उनके हाथ   पैरों  में कीलें ठोककर उन्हें सूली पर लटका दिया | हो सकता हे ईसा मसीह ने इसका विरोध भी किया हो|   लेकिन एक अकेला व्यक्ति कब तक  एक समूह से लड़ सकता हे|  आज के परिप्रेक्ष में हम शायद यह सोचते हैं की ...

जानिए जीवन की परीक्षा को पास करने के आसान उपाय

चित्र
                                    परीक्षा परीक्षा ,इम्तिहान  इंटरव्यू ये ऐसे शब्द हैं, जिन्हें देने के लिए हमें तैयारी करनी पड़ती है|  परीक्षा इंटरव्यू कोई भी हो उसकी तिथि निर्धारित होती है । और तिथि निर्धारित होने के बावजूद भी  हम गलतियां कर बैठते हैं कुछ लोग अच्छे अंक ले आते हैं, कुछ नहीं ला पाते हैं, कोई सफल होते हैं ,कोई असफल। परिणाम आने पर कोई पछताता है, कोई अपनी गलतियों को सुधारता है, कोई रोता है ,कोई हंसता है। यह स्थिति तब होती है जब हमें उसकी तिथि पहले से पता होती है, सिलेबस पता  होता है, समय अवधि पता होती है। फिर भी हम गलतियां कर बैठते हैं|                       जिंदगी में तो हर पल परीक्षा देनी पड़ती है ना उस परीक्षा की तिथि निर्धारित होती है, ना सिलेबस ना समय अवधि। यह परीक्षा ता उम्र चलती है |  जन्म से लेकर मृत्यु तक किस समय किस विषय की परीक्षा हो जाए यह भी पता नहीं जिंदगी में तो हर पल परीक्षा दे...

क्या आप भी अपने सपने पूरा करना चाहते हैं

               सपने देखें टूटने पर दुखी न हों दोबारा पूर्ण उत्साह से देखें                                                                                       हर व्यक्ति के अपने सपने होते हैं |  कोई सोते हुए सपने देखता है कोई जागते हुए। सपने देखना कोई बुरी बात नहीं है किसी का सपना अच्छी नौकरी पाने का होता है, किसी का घर बनाने का ,किसी का प्यार पाने का कोई अपने मां-बाप के लिए कुछ करने का सपना संजोए बैठा है|  तो कोई अपने बच्चों का भविष्य बनाने का सपना देखता है|  कोई सपने राजकुमार के देखता है, कोई राजकुमारी के|  किसी का सपना अमीर बनने का होता है, तो किसी का शरीफ। इंसान जब सपने सोते हुए देखता है तो वह अच्छे बुरे दोनों तरह के सपने देखता है|  लेकिन जागते हुए सपने में एक खास बात होती है जागकर  देखे...

सिनेमा और जीवन

सिनेमा यानी फिल्म हमारे समाज का आईना होती है हमारे समाज में फैली हुई बुराइयों कुरीतियों को हम तक पहुंचाने का प्रयास करती है लेकिन आजकल हम फिल्में सिर्फ मनोरंजन की दृष्टि से देखते हैं यह बात सही है की फिल्में हमारा मनोरंजन करती है लेकिन फिल्मों को हमें सिर्फ मनोरंजन की दृष्टि से ही नहीं देखना चाहिए फिल्मों के माध्यम से हमें संदेश मिलता है सिनेमा में अभिनित हर किरदार का अपना महत्व होता है फिल्मों के माध्यम से आदर्श पति पत्नी बन सकते हैं कई फिल्मों में बच्चों के किरदार इतने सशक्त होते हैं , कि एेसे बच्चे यदि असल जीवन में हो तो  माँ बाप का जीवन सार्थक हो जाए जाता है एक आदर्श बहू अपने पूरे परिवार का दिल जीत लेती है एक आदर्श सास अपनी बहू को बेटी का दर्जा देकर पूरे परिवार का सर गर्व से ऊंचा कर देती है । कई फिल्मों में दोस्ती की मिसालें दी गई है भाई बहन ननंद भोजाई के रिश्ते में कड़वाहट  व मिठास भी कई फिल्मों में पेश की गई है भाभी का देवर के प्रति स्नेह और देवर की भाभी के प्रति श्रद्धा को कैमरे में कैद कर आम जनता तक पहुंचाना कोई आसान काम नहीं है पारिवारिक झगड़ा सामाजिक राजनीतिक मुद्द...