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इस फिल्म में अमिताभ बच्चन ने असली शेर से लड़कर फिल्म में जान डाल दी थी |

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 पुरानी फिल्मो में अभिनेता किस कदर सीन में रियलिटी लाने  के लिए अपनी जान को भी जोखिम में डाल  देते थे इस का उदाहरण देखिये           (सिगरेट पीना स्वास्थ  के लिए हानिकारक है ) गूगल इमेज   ये है 1977  में प्रदर्शित फिल्म खून पसीना   फिल्म में अमिताभ बच्चन ने असली शेर से लड़कर फिल्म में जान  डाल  दी थी |                      google  image  इस सीन  के लिए अमिताभ  ने स्टंट मेंन  का सहारा लेने से इंकार कर दिया था और खुद असली शेर से लड़कर इस दृश्य को  कबीले तारीफ बना दिया | गूगल इमेज  आज ऐसे दृश्य हम देखते जरूर है मगर उनमे टेक्नोलॉजी का कमल होता है | 

क्या फ़िल्मी अभिनेताओं मॉडल्स की हर हरकत को फैशन कहना उचित है ?

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लोग फ़िल्मी हस्तियों से उनके अंदाज से उनके पहनावे से उनकी अदाओं  से उनकी हेयर स्टाईल से प्रभावित होते है उनकी देखा देखी नए - नए  फैशन  करते है क्या फ़िल्मी अभिनेताओं मॉडल्स की हर हरकत को फैशन कहना उचित है ? 1. ये हैं प्रतीक बब्बर 2. अभिनेता और नेता राज बब्बर के बेटे हैं प्रतीक बब्बर 3. आधी  मूंछ और आधी दाढ़ी  में नए फैशन लुक में हैं प्रतीक बब्बर 4. लक्मे  फैशन शो में इस अंदाज में दिखे हैं प्रतीक बब्बर 5. प्रतीक बब्बर की ये फैशन आपको कैसी लगी  क्या इसे फैशन कहना  उचित होगा 

क्या है तनावपूर्ण उलझे हुए जीवन को सुलझाने का सही और उचित समाधान

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  एक छोटे बच्चे से हम बहुत कुछ सीख सकते हैं |  एक छोटे बच्चे से हम बेचिंता ज़िंदगी जीना सीख  सकते है |    हमे भी उनकी तरह आनंद पूर्वक हँसते खेलते बिना टेंशन के जीवन को जीना चाहिए | google image   बचपन के जीवन का आनंद ही कुछ और होता  है |  एक मासूम बच्चा लोगों के दिलों को जीत लेता है हमे भी बच्चों की तरह मासूमियत से जीवन जीना सीखना चाहिए और लोगो के दिलों  को जितना चाहिए  | google image    आज  इस तनावपूर्ण उलझे हुए जीवन को सुलझाने का सही और उचित समाधान बच्चों की तरह का जीवन जीना है |  बच्चो की तरह रूठना मनाना जीवन भर चलता रहे | google image   बच्चो की तरह हम बड़े भी इस तरह प्रेरित हो की  सुबह बच्चो की तरह  लड़े और शाम को एक हो जाये |  झूठ बोलने में भी बचपना झलके और  सच्चाई सामने आ जाये |जानिए google image    यदि हम ये प्रेरणा बच्चो से  लेले तो  हर किसी का जीवन गुलाब सा खिला- खिला नजर आये हर चेहरा मुस्कुराता नजर आये
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कोशिश करने  वालों की हार  नहीं होती चीटियां हमे हमेशा यही सन्देश देती हैं |  चीटियां न जाने कितनी बार दीवार पर चढ़ती है और गिरती है लेकिन  कभी हार नहीं मानती |  बार- बार कोशिश करते रहने से ही सफलता मिलती है ये सीख हमें  चीटियों के जीवन  से ही मिलती है |   चीटियों के जीवन से  हम अनुशासन में रहना सीख सकते हैं |  इतने बड़े समूह में भी चीटियां लाइन बनाकर चलती हैं |  हम इंसानो से चीटियां बेहतर है  इतनी संख्या में होकर भी अनुशासित रहती है |  बड़े वजन  को चीटियां एक दूसरे की सहायता से मिलजुल कर एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाती देखी जा सकती है | इससे हम मिलजुल  कर रहना , एक दूसरे की मदद करना सीख सकते है |   नैतिकता सीख सकते हैं आत्म विश्वास सीख सकते हैं अनुशासन सीख सकते हैं लगातार चलते रहना सीखा सकते मेहनत के मामले में चीटियों से कोई मुकाबला नहीं किया जा सकता  | जिस तरह का सामाजिक जीवन चीटियां जीती है यदि हम भी उनका अनुसरण करें तो निश्चित रूप से सफलता की सीढ़ियां चढ़  सकते हैं |...

हास्य अभिनेता के रूप में कादर खान गोविंदा की जोड़ी 80 - 90 के दशक में खूब हिट हुई है |

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जाने माने अदाकार  कादर  खान का  स्वास्थ्य आजकल ठीक नहीं चल रहा है  |  अपने बॉलीवुड  करियर में संवाद लेखक , खलनायक , चरित्र अभिनेता तथा हास्य अभिनेता के रूप में  कादर  खान ने खूब दाद  पाई है |   हास्य अभिनेता के रूप में कादर खान गोविंदा की जोड़ी 80 - 90 के दशक में हिट हुई है |   उन्होंने गोविंदा के साथ दूल्हे राजा , साजन चले ससुराल , हसीना मान जाएगी,  हीरो नंबर 1 ,  आँखे , राजा बाबू जैसी  फिल्मे की | दोनों की कॉमेडी की वजह से ये फिल्में  जबरदस्त  हिट हुई |दोनों ने इन फिल्मो में लोगो को खूब हंसाया  आज कदर खान की स्थिति बहुत नाज़ुक है वे बिना सहारे के चल  फिर नहीं सकते |  उनके फेन्स चाहते हैं की वे फिर से बॉलीवुड की फिल्मों में नज़र आये लेकिन यह संभव नहीं लग रहा क्योंकि कादर खान भारत से बहार कनाडा में अपना इलाज करवा रहे हैं |  अब उनके स्वास्थ्य के लिए दुआएं ही की जा सकती है | 

किसी घटना से भयभीत हो तो उससे भागो मत पलटो और सामना करो - स्वामी विवेकानंद

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 डर का सामना करने की हिम्मत यदि हो तो डर को ख़त्म किया जा सकता है अधिकतर समस्याएं हमारे सामने डर की वजह से खड़ी रहती  है हम उनका आगे बढ़ के सामना करने की बजाये पीछे हटते हैं और दूर भागते हैं  स्वामी  विवेकानंद के जीवन की ऐसी ही एक प्रेरक घटना जिसने उनके मन से डर  को दूर भगाया    एक बार स्वामी जी बनारस के एक मंदिर से बहार निकले तभी कुछ बंदरों ने उन्हें घेर लिया बंदर उनके नज़दीक आने लगे स्वामी जी बंदरों से  डर  कर पीछे भागने लगे बंदरों ने उन्हें काफी दूर तक भगाया तभी एक सन्यासी ने उन्हें रोका और कहा पीछे मत भागो रुको और इनका सामाना करो स्वामी जी पूरे आत्मविश्वास और हिम्मत से बंदरों की तरफ आगे बढ़ने लगे ऐसा करते ही सभी बंदर भाग खाए हुए  स्वामी जी को सीख मिली की यदि तुम किसी घटना से भयभीत हो तो उससे भागो मत पलटो और सामना करो  जीवन में समस्याएं रोज आती है उनसे भागने की जगह उनका सामान करने वाले कभी न  कभी  समस्या का हल निकल ही लेते हैं और प्रसन्नतापूर्वक अपना जीवनयापन करते हैं   जो समस्या आने से डरते हैं उन...

विपरीत परिस्थितियों में ही आपके समझदार होने और न होने का पता चलता है

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विपरीत परिस्थितियां ही आपको समझदार और नासमझ साबित करती है | कुछ काम करने और कुछ काम नहीं करने से हमारी समझदारी साबित होती है |  यदि जिंदगी को सही मायने में जीना चाहते है तो इन बातो पर अवश्य गौर करे | 1. मुँह में   राम बगल में छुरी  वाला जीवन  नहीं जीए | 2. इंसान को मदद लेने  और मदद देने  दोनों की कला आनी  चाहिए | 3. क्षमा करना और क्षमा मांगने का गुण जीवन  जीने के लिए निहायत ज़रूरी है | 4. सिर्फ सिद्धांत काफी नहीं है परिस्थितियों की समझ होना भी ज़रूरी है | 5. खुशमिज़ाज़ और प्रसन्नचित व्यक्ति वक़्त को भी बदल सकता है | 6. अधिकतर लोग सर पर वजन रखकर और पैरो में बेड़ियाँ बांधकर जीवन जीने की कोशिश कर रहे हैं |   जो किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है | 7 समझदारी सिर्फ किताबी ज्ञान से ही नहीं आती बल्कि एक कम पढ़ा लिखा  व्यक्ति भी अनुभवों से सीखकर  समझदार कहला सकता है |  8  विपरीत परिस्थितियों  में ही आपके  समझदार होने और न होने का पता  चलता है | 9  जीवन दुनिया को बदल  कर  नहीं बल...