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बसंत पंचमी

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                                                            बसंत पंचमी             इनको कुछ समझा दो माँ इनको कुछ बतला दो            इनको कुछ समझा दो माँ इनको कुछ बतला दो                ऋतुओं  के मेले से आकर बसंत पंचमी बोली |                                                जन्म हुआ माँ सरस्वती का विद्या ने आँखे खोली                                              माँ तुमने जब जन्म लिया तो सुर और ताल मिला दो                         ...

क्या आधुनिक समय में पैसा मनुष्य का सबसे बड़ा दुश्मन बन गया है ?

क्या आधुनिक समय में पैसा मनुष्य का सबसे बड़ा दुश्मन बन गया है ?   इंसानियत और मानवता के लिए भी खतरा है  पैसे के पीछे दौड़ना आधुनिक समय में पैसा मनुष्य का सबसे बड़ा दुश्मन बन गया है |  पैसा होना और   ना  होना दोनों  ही  दुश्मनी की वजह है | अधिकतर  अमीर  इंसान गरीब को अपना दुश्मन समझते  है |  वहीं  कई बार  गरीब इन्सान  भी बेवजह ही अमीरों  को अपना दुश्मन समझने  लगता है | चाहे हकीकत कुछ  भी हो  लेकिन यह कटु सत्य है  | पैसा कमाने के चक्कर में इंसान अपने रिश्ते नातों  को भूल जाता है  | और उनसे दुश्मनी मोल ले लेता है |   अपने थोड़े से   लालच के लिए वह इंसानियत तक को ताक  पर रख देता है  |  दुनिया भर  का तनाव और दुश्मनी लेकर भी इंसान पैसा कमाने की दौड़ में  सबसे आगे खड़ा होना  चाहता है |  ताज्जुब जब  होता  है  जब एक सुशिक्षित, प्रतिष्ठित , ईमानदार इंसान भी पैसा कमाने के  लिए का...

आपसी समझाईश, सूझ- बूझ प्रेम, प्यार से भी अनुशासन सिखाया जा सकता है parenting tips

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आज के इस महंगाई के दौर में बच्चों को पाल पोस कर बड़ा करना बड़ा मुश्किल काम हो गया है | बच्चे मासूम होतें हैं, नासमझ होतें हैं, कोमल होतें हैं, प्यारे होतें हैं | इसी वजह से उनमे भगवान का वास नज़र आता है | जो लोग यह बात समझते हैं उन्हें बच्चों की पीड़ा देखकर बड़ा कष्ट होता है | https://goo.gl/images/JXtgGv कई बार मासूमियत और नासमझी की वजह से बच्चे गलतियां कर बैठते हैं और आर्थिक नुकसान करवा देतें हैं | ऐसी स्थिति में हमें गुस्सा आ जाता है | कई बार पढाई - लिखाई में शिकायत मिलने पर भी हमें गुस्सा आ जाता है | कई बार बच्चों की शरारतों की वजह से हम अपने आप को अपमानित महसूस करतें हैं और इन्ही शरारतों और शिकायतों की वजह से हम बच्चों को अनुशासित रखना चाहतें हैं | https://goo.gl/images/APPP1X अनुशासन सीखाने के लिए दंड स्वरुप हम मार -पीट का सहारा लेते हैं | कई बार तो लोग बच्चों की पिटाई इस कदर करतें हैं की उन्हें गंभीर चोंटें तक आ जाती है | याद करके देंखें क्या बचपन में आप से गलतियां नहीं हुई ? क्या बचपन में आपसे नुकसान नहीं हुआ ? क्या बचपन में मोहल्ले के लोग आपकी शिकायत लेकर...

मौका मिलने पर इन पलों का भरपूर आनंद उठाये

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 हर इंसान खुशियों के पल चाहता है  | और ये पल हर इंसान के जीवन में आते भी है |  परन्तु यह मानव स्वभाव माया मोह में उलझ कर महत्वाकांक्षी  हो जाता है  |  फिर वह बड़े ख्वाब देखने लगता है |   और छोटी मोटी  खुशियों के पल  भी हाथ से निकाल देता है |  और फिर जीवन भर ख़ुशी की तलाश में भटकता रहता है  | ये  बाते तो  हर इंसान के जीवन में होती है  |  आप सोच रहे होंगे इसमें नई बात क्या है ? नई बात जानना चाहते है तो इसे  आखिर तक अवश्य पढ़े | https://images.app.goo.gl/MSgVeZqe4zBNw1cA9                                    ये है इंसान के जीवन के कुछ महत्वपूर्ण ख़ुशी के पल 1  - जब उसकी मेहनत की पहली कमाई उसके  हाथ में आती है 2   -जब उसकी शादी होती है वह अपनी गृहस्थी बसा कर अपनी नई जिंदगी की शुरुआत करता है  | 3  - जब उसके   जीवन साथी के साथ उसके रिश्तो ...

आओ नया साल मनाए HAPPY NEW YEAR

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आओ नया साल मनाए हाथ जोड़कर शीश नवाएँ लोगों से कर लो रे वंदन नए साल का करो अभिनन्दन सड़कों पर न जाम लगाओ बेटी का तुम मान  बढ़ाओ सूरज को दीपक न दिखाओ पूनम को मावस न बताओ बेटों को तुम चाहने वालों बेटों को तुम ये   समझाओ माँ का दूध पिया तुमने तो माँ के  दूध की लाज बचाओ https://goo.gl/images/b8Kk4V                                                                                आओ नया साल मनाए हाथ जोड़कर शीश नवाएँ                                                                                लोगों से कर लो रे वंदन नए साल का करो अभिनन्दन         ...

और तभी सतयुग आ जाएगा

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हर व्यक्ति अपने आप को स्पष्टवादी कहता है| कभी भी कही भी चाहे मुद्दा सामाजिक हो, राजनैतिक या पारिवारिक| जब भी किसी विषय पर बहस होती है तो आमतौर पर हर व्यक्ति यही कहता है कि मै तो स्पष्ट बोलता हूँ | मेरी आदत लाग लपेट करने की नही है। क्या सिर्फ यह कहना कि मै तो स्पष्ट बोलता हूँ स्पष्टवादी होने का प्रमाण है | यदि ऐसा हो तो दुनिया की सबसे लम्बी लिस्ट स्पष्टवादियों की होगी। क्योंकि हर व्यक्ति साबित कर देगा की वह स्पष्टवादी है| फिर तो दुनिया में किसी बात की समस्या ही नहीं रहेगी। https://goo.gl/images/mhCFX3 क्योंकि जहाँ स्पष्टता विद्यमान होती है वहाँ न झूठ चल सकता है न बुराई, न धोखा चल सकता है न विश्वासघात, न जाति चल सकती है, न धर्म| बेईमानी के लिए स्थान ही नही बचेगा। दुख बेचारा कहाँ खड़ा हो सकेगा ? निराशा को तो कोई पूछेगा भी नहीं | क्रोध किस पर उतारोगे ?लड़ाई- झगड़े सब शान्ति के साथ विश्राम करेंगे। नियम कानूनों की बड़ी - बड़ी किताबों का क्या होगा ? सब समस्याएं खत्म| भगवान को भी अपना मोबाईल स्विच आॅफ़ करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। आरक्षण की आग से लेकर रिश्वत खोरी तक सब जड़ से नष्ट। सुन...

यदि आप सक्षम हैं तो उन लोगों की तन मन धन से मदद करें जो सक्षम नहीं हैं यही भगवन की असली पूजा है

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अक्सर संकट मुसीबत और आश्चर्य के समय हमारे मुँह से अनायास ही निकल जाता है | हे ईश्वर ! है भगवान !है राम! चाहे व्यक्ति आस्तिक हो या नास्तिक जब वह बहुत ज़्यादा दुखी हो जाता है जब बहुत बीमार हो जाता है जब बहुत मुसीबत में आ जाता है तो उसे कोई और रास्ता नहीं सूझता और यह हमारे दिल से निकली हुई आवाज होती है जो ब्रह्माण्ड की अलोकरिक शक्ति तक पहुँचती है | और अक्सर हम दुःख पड़ने पर ही भगवान को याद करतें हैं | इसीलिए कहा जाता है दुःख में सुमिरन सब करें सुख में करें न कोय जो सुख में सुमिरन करे तो दुःख काहे को होय! https://goo.gl/images/pXccLM सुख में सुमिरन का अर्थ है जब हम सुखी हो तब भी हमे भगवन का नाम लेना चाहिए उसे याद करना चाहिए और याद करने या नाम लेने का सीधा और सही तरीका है ऐसे काम करें जो ईश्वर आपसे चाहता है जब हम सक्षम हैं तो हम सुखी है चाहे हम शरीर से सक्षम हो बुद्धि से सक्षम हो या धन दौलत से सक्षम हो हमें लोगों की शारीरिक मानसिक और आर्थिक मदद करनी चाहिए दूसरे लोगों के दुखो को दूर करना चाहिए यही तन मन धन अर्पण करना होता है यही सुख में सुमिरन करना यही भगवन को याद करना होता है अक्...