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तन मन धन सब हे तेरा

                                             तन- मन -धन ' तन- मन -धन सब हे तेरा ' भजन और गीत जब हम सुनते हे उस समय हर व्यक्ति की  सोच वैसी ही  बन जाती हे | और वाकई उस समय हर व्यक्ति का व्यव्हार भी वैसा ही हो जाता हे | और अपने आप को प्रदर्शित भी वैसा ही करने लगता हे | लेकिन जैसे ही भजन या गीत का असर ख़त्म होने लगता हे हमे न तन का अर्थ पता होता हे न मन का  और धन की स्थिति के नाम पर बैंक बैलेंस nil हो जाता हे | सारा धन जो हमारे पास था निर्धनों में बंट  गया बाकि  बचा खुचा भगवान के श्री चरणों में अर्पण कर  दिया और गा दिया ' तेरा तुझको अर्पण क्या लागे मेरा ' हो गया तन- मन- धन सब हे  तेरा |                                                             यह  स्थिति सिर्फ हमारी ह...

जीवन में खुशी का महत्व्

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                                              खुशी जीवन में खुशी का बड़ा महत्व है | खुश रहने का संबंध हमारे स्वास्थ्य से होता है | जिस तरह  से हरियाली या प्राकृतिक दृश्यों को देखकर मन प्रसन्न होता है, खिले हुए फूलों को देख कर खुशी मिलती है, उसी तरह लोगों के प्रसन्न  और खिले हुए चेहरों को देख कर खुशी मिलती है |  कई लोग अपने उन मित्रों से सिर्फ इसलिए मिलना पसंद करते हैं कि उनके चेहरे हमेशा फूलों  की तरह खिले नजर आते हैं | उनमें उत्साह नज़र आता है उमंग होती है | जिन चेहरों पर हमेशा उदासी झलकती है , चिंता की लकीर हमेशा नजर आती है, जो लोग चेहरे से ही दुख प्रकट कर देते हैं, ऐसे लोगों से लोग कम मेलजोल रखते हैं और उनके दुखों में लोग दिल से शामिल नहीं होना चाहते | ऐसे लोगों का असली दुःख कभी पता ही  नहीं चल पाता है|  जिन लोगों के चेहरे पर हमेशा प्रसन्नता रहती है उनका दुख तुरंत पता चल जाता है | और ऐसे लोगों के दुख दर्द में लोग तुरंत और दिल से शामिल ह...

मन की बात का महत्व

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                                     कहें अपने मन की बात अधिकतर लोग अपने जीवन में यह गलती करते हैं कि न जाने किस वजह से वह अपने मन की बात किसी से कह नहीं पाते हैं |  और इस वजह से अपने मन के अंदर ही अंदर घुट-घुट कर जहर बनाते रहते हैं |  सोचो जब जहर अपना असर दिखाता है तो क्या होता है ? यह जहर किसी न किसी के लिए  अवश्य नुकसानदायक होगा इसलिए किसी ना किसी से अपने मन की बात जरुर शेयर करें कभी कभी आपको ऐसा लगता है कि मन की बात कहें किससे |  माँ  से कहेंगे तो समस्या पिता से कहेंगे तो हिम्मत नहीं पति से कहेंगे तो परिवार में क्या पता क्या बवाल खड़ा हो जाएगा |  पत्नी से कहा तो ओर मुसीबत हो जाएगी बच्चों से तो यह बात कर ही नहीं सकते|  दोस्तों को बताएंगे तो इंसल्ट होने का डर रहता है | |  यही सोचकर कई बार हम छोटी छोटी बातों को मन में रखकर जहर बनाते रहते हैं और जब मन में वह बात घर कर जाती है तो हमारा मन किसी भी काम में नहीं लगता |   हम गलतियों पर गलतियां ...

जीवन में क्षमा का महत्व

                                              क्षमा गलतियों का अहसास  कराना  और फिर हंसते-हंसते माफ कर देना क्षमा कहलाता है|  क्षमा करने का गुण हर व्यक्ति में नहीं होता लेकिन जिस व्यक्ति में यह गुण होता है वह दुनिया का सबसे अमीर व्यक्ति होता है|  जो व्यक्ति क्षमा करना जानता है वह कभी भी किसी का बुरा नहीं करता|  वह भगवान का रूप होता है वह नहीं चाहता कि दुनिया में अपराध हो, वह नहीं चाहता दुनिया से भाई चारा खत्म हो, वह नहीं चाहता पड़ोसी - पड़ोसी का दुश्मन बने, वह नहीं चाहता कि लोगों के जीवन में तनाव बढ़े |  जरा सोच कर देखिए जब आप से कोई गलती हुई हो और आप इस गलती के लिए कभी भगवान से प्रार्थना करते हैं कभी अपने इष्ट मित्रों रिश्तेदारों से एक गलती दोबारा न करने का  वादा  करते हैं|  आप चाहते हैं कि बस एक बार मुझे क्षमा मिल जाए फिर मैं ऐसी गलती दोबारा नहीं करुंगा और यदि किसी तरह से लोग आपको क्षमा  कर देते हैं सोच कर देखिए क्...

जीवन का सुख

                                           सुख  जीवन में आज हर व्यक्ति घुटन महसूस कर रहा है| भागदौड़ और टेंशन की जिंदगी में कई ऐसे कारण है जो हर व्यक्ति की इस घुटन को बढ़ा रहे हैं| कुछ कारण ऐसे हैं जो आम जीवन का हिस्सा बन गए हैं|  हर किसी को हम कहते हुए सुन सकते हैं, समय नहीं है, आर्थिक समस्या चल रही है, हर महीने डॉक्टर का बिल भरना पड़ता है, नौकरी का भरोसा नहीं है, बिजनेस बदलना चाहता हूँ , बच्चों की लाइफ का सवाल है उन्हें अच्छी शिक्षा दिलाना चाहता हूं, पति पत्नी दोनों कमाते हैं फिर भी खर्चा नहीं चल रहा है, किस्मत साथ नहीं दे रही है,मैं तो दुखी हो गया हूँ क्या करूँ? दोस्तों यह वो कारण है जिनसे कोई व्यक्ति अछूता नहीं है चाहे अमीर हो या गरीब हर व्यक्ति अपने आप को सुविधा संपन्न बनाना चाहता है |  हर व्यक्ति चाहता है उसके बच्चों का करियर बने|  हर व्यक्ति चाहता है उसके पास  अथाह धन दौलत हो |  सुविधा संपन्न होना कोई बुरी बात नहीं है | बच्चों का कैर...

jeevan me kathni or karni ka fark

                                 कथनी और करनी अक्सर हम बात करते हैं कि हमारी कथनी और करनी एक ही होनी चाहिए।" कथनी और करनी" का अर्थ है जैसा हम बोलते हैं वैसा ही करें। अक्सर यह बात कहते हुए सुना जाता है की कथनी और करनी एक ही होनी चाहिए यानी जो हम कहते हैं वैसा ही हमें करना चाहिए लेकिन यह अपेक्षा हम हमेशा दूसरों से करते हैं चाहे हमारी कथनी और करनी में कितना ही फर्क क्यों ना हो लेकिन दूसरे की कथनी और करनी में फर्क नहीं होना चाहिए। सवाल यह है कि हमारी कथनी और करनी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रुप से कई कारणों से भिन्न हो जाती है। कई बार हम चाह कर भी वह नहीं कर पाते हैं जो हम बोल देते हैं। कारण यह है कि बोलने में हमें सिर्फ जुबान हिलानी पड़ती है और जब हम उसे करने बैठते हैं तब हमारे सामने कई सारी बातें आती है जिसके बारे में हमने सोचा भी नहीं होता। यही कारण है कि हमें कोई भी बात बोलने से पहले उसे करने में आने वाली समस्याओं के बारे में विचार करना चाहिए। लेकिन कई बातें ऐसी होती है जो हम जब काम शुरु करते हैं उस सम...

जीवन का कटू सत्य

                   जीवन की सच्चाई हम जीवन में बिना सोचे समझे सिर्फ एक दूसरे को दोष देते रहते हैं दूसरों से हमेशा अपेक्षा रखते हैं कि सच बोले, लालची नहीं हो, मन में स्वार्थ ना हो, किसी का बुरा नहीं सोचे, कभी किसी का दिल नहीं दुखाए, किसी से लड़ाई झगड़ा ना करे, बेईमानी का तो सवाल ही नहीं उठता चरित्र तो जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है।               इन सब बातों के लिए अपेक्षा रखना और चिंतित होना लाजमी है क्योंकि इन्ही गुण और अवगुणों के आधार पर एक अच्छे समाज का निर्माण होता है। लेकिन बात हमेशा तर्कसंगत करनी चाहिए क्या यह सच नहीं है? कि यह अपेक्षा हम सिर्फ दूसरों से करते हैं क्या कभी अपने आप के अंदर भी झांककर देखा है? कि कहीं हमारे अंदर इन सब गुणों की छाया तो नहीं है क्या हमारी कथनी और करनी में बहुत ज्यादा अंतर तो नहीं है? क्या दूसरे भी हमसे ही अपेक्षा की उम्मीद तो नहीं कर रहे हैं? दोस्तों  यह कटु सत्य है इस दुनिया में ऐसा कोई व्यक्ति नहीं है जो इन अवगुणों से अछूता हो। मनुष्य गलतियों का पुलिंदा है हर इ...