संदेश

EDUCATIONAL ARTICLES लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

क्या mummy papaके लिए चुनौती है child education

चित्र
 क्या  mummy  papaके लिए चुनौती है child  education बच्चों को शिक्षा दिलाने में   mummy  papa  की भूमिका के साथ- साथ  प्राथमिक शिक्षा की भूमिका भी  महत्त्वपूर्ण होती है |  हम शायद बहुत बड़ी भूल कर रहे है |  कई  mummy  papa आज प्राथमिक शिक्षा का सही अर्थ नहीं समझ पा  रहे है   | प्राथमिक शिक्षा का अर्थ शिक्षा दिला देना नहीं है |   प्राथमिक शिक्षा का सही अर्थ है बच्चों  को शिक्षा लेने  के लिए प्रेरित करना, शिक्षा प्राप्ति के लिए तैयार करना |  लेकिन प्राथमिक शिक्षा को हमने माध्यमिक शिक्षा का दर्जा दे दिया है | https://images.app.goo.gl/5FJxBYLNEZ6cka3EA   बच्चे हमारी अनमोल धरोहर इन्हे सहेज कर रखना अति आवश्यक है              ←  click to read यही  वजह है कि  बच्चे के बचपन को हम स्कूलों को समर्पित कर रहे है |  जो शिक्षा बच्चो को घर की पाठशाला में मिलनी चाहिए वो भी हम स्कूल  के भरोसे छोड़े हुए है |...

शिक्षा वो भी है जो वक्त परिस्थिति तथा अपने अनुभव से प्राप्त की जाती है |

चित्र
                    शिक्षा वो भी है जो वक्त परिस्थिति तथा अपने अनुभव से प्राप्त की जाती है                                                             यदि आप ऐसा मानते हैं तो इस लेख को एक बार जरूर पढ़ें  यातायात के साधनों के साथ - साथ मनोरंजन , खेल - कूद ,फैशन से लेकर शिक्षा और प्रोद्यौगिकी के क्षेत्र में अविश्वसनीय प्रगति हमारे देश में हुई है | सुख - सुविधाओं में वृद्धि होने के बावजूद भी हर व्यक्ति अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंता में रहता है| और इसी वजह से भारी तनाव महसूस करता है| बच्चों की अच्छी परवरिश तनाव को कम करने में मददगार हो सकती है| परवरिश यानि लालन-पालन हर माँ-बाप की इच्छा होती है की वो बच्चों की परवरिश बहुत अच्छी तरह से करें| उन्हें अच्छी शिक्षा दें, संस्कार दें ताकि समाज में उनकी और उनके बच्चों की प्रतिष्ठा बनें | और अपने पूर्व...

बाल दिवस मनाने के पीछे मूल मकसद

चित्र
बाल दिवस मनाने के पीछे मूल  मकसद बाल दिवस यानी बच्चों  का दिन जिसे हम प्रति वर्ष 14  नवम्बर को कई  वर्षो से मनाते आये है |  इस दिवस को हम बाल  दिवस के रूप में मनाते जरूर है परन्तु जिस मकसद को लेकर इस दिवस की शुरुआत की गई  थी उस मकसद को हम भूल चुके है | बाल दिवस मनाने के पीछे मूल मकसद बच्चों  को निर्भीक और  तनाव मुक्त जीवन जीने के लिए प्रेरित करना है | जबकि आज  आधुनिक युग में तीन साल के   बच्चे की शिक्षा के लिए माता पिता जिस कदर चिंतित है उससे साफ़ जाहिर होता है की  बाल दिवस मनाना मात्र औपचारिकता  करना है  |  आज  इस एजुकेशन ने बच्चों  का बचपन छीन लिया  छोटे- छोटे   बच्चे ना  ठीक से सो  पा रहे है ना ठीक से खा पा है ना खुल कर हँस  पा रहे है ना रो  रहे है |  खेल कूद भी स्कूलों के भरोसे पर रह गया है |  पारम्परिक खेलों  से  दूरी  बनाने  की  वजह से   इंटरनेट के गेम्स ही बच्चो  के  दोस्त बन गए है...

कहां तक उचित है स्कूली शिक्षा को नैतिकता के लिए जिम्नेदार ठहराना

चित्र
एक सभ्य समाज के लिए नैतिकता की बात करना समाज के हर वर्ग के  उत्थान के लिए जरूरी है | नैतिकता का प्रश्न जब भी खड़ा होता है नेता -अभिनेता, स्त्री- पुरुष, ईमानदार- बेईमान, अपराधी- साहूकार, ज्ञानी- अज्ञानी सभी अपने आप को नैतिक बताने और साबित करने में जुट जाते है | और यदि कुछ अनैतिक लगता भी है तो हम सभी मिलकर स्कूली शिक्षा को नैतिकता के लिए जिम्मेदार ठहराते है |  क्योंकि हर कोई यह मानता  है की   नैतिकता सीखाने की जिम्मेदारी शिक्षक वर्ग की और सीखने  की विद्यार्थियों की | https://images.app.goo.gl/xgssKtE2kquPd4S89   हम छोटे- छोटे  बच्चो से नैतिकता की अपेक्षा रखते है क्या बड़ो  को नैतिकता सीखने  की आवश्यकता नहीं है ? क्या बड़ो को अपने अंदर झाँकने की आवश्यकता नहीं है  की हम कितने नैतिक है ? जब कोई भी व्यक्ति स्वयं कोई कार्य करता है तब वह नैतिकता और अनैतिकता के मुद्दे पर इतना गंभीर नहीं होता लेकिन जब वही  कार्य  कोई दूसरा करता है तब हमें  नैतिक अनैतिक का आभास होता है | ऐसा क्यों ? जरा सोचिए झूठ सच करना या गाल...

बिना मार पीट के भी सिखाया जा सकता है बच्चों को अनुशासन

चित्र
आज के इस महंगाई के दौर में बच्चों को पाल  पोस कर बड़ा करना बड़ा मुश्किल काम हो गया है | बच्चे मासूम होतें हैं,  नासमझ होतें हैं, कोमल होतें हैं, प्यारे होतें हैं |  इसी वजह से उनमे भगवान का वास  नज़र आता है | जो लोग यह बात समझते हैं उन्हें बच्चों की पीड़ा देखकर बड़ा कष्ट  होता है | कई बार मासूमियत और नासमझी की वजह से बच्चे गलतियां कर बैठते  हैं और आर्थिक नुकसान करवा देतें हैं | ऐसी स्थिति में हमें गुस्सा आ जाता है   https://goo.gl/images/hf3MNY | कई बार पढाई - लिखाई  में शिकायत मिलने पर भी हमें गुस्सा आ जाता  है | कई बार बच्चों की शरारतों की वजह से हम अपने आप को अपमानित महसूस करतें हैं और इन्ही शरारतों और शिकायतों की वजह से हम बच्चों को अनुशासित रखना चाहतें हैं |  और अनुशासन सीखने के लिए दंड स्वरुप हम मार -पीट का सहारा लेते हैं |   कई बार तो लोग बच्चों की पिटाई इस कदर करतें हैं की उन्हें गंभीर  चोंटें तक आ जाती है |  https://goo.gl/images/ziSyC2  याद करके देंखें क्या बचपन में आप से गलतिया...

छात्र जीवन से यह पांच बातें हमें अवश्य सीखनी चाहिए -

चित्र
छात्र जीवन हर व्यक्ति के लिए अनुभव लेने ,निर्णय लेने और प्रेरणा लेने का समय होता है | गलतियां करने और गलतियों से सीख लेने का समय छात्र जीवन ही होता है | जीवन के सपनों को बुनकर मुकाम हासिल करने का जरिया छात्र जीवन ही होता है | शौक ,मौज ,मस्ती का स्वर्णिम काल यही होता है | कुल मिलाकर जीवन को बनाने और बिगाड़ने में छात्र जीवन का स्थान महत्वपूर्ण होता है | https://goo.gl/images/1pgqEt छात्र जीवन से यह पांच बातें हमें अवश्य सीखनी चाहिए - https://goo.gl/images/EZUuKH 1. हित - अहित , भले - बुरे का ज्ञान छात्र जीवन दिलाता ध्यान | 2. ,हौसला ,संघर्ष और हिम्मत छात्र जीवन की बढ़ाते है क़ीमत 3. समस्याएं ,समाधान छात्र जीवन की है पहचान | 4. प्यार, मोहब्बत, धोखा छात्र जीवन में ही होगा | 5. इज्जत, प्रतिष्ठा ,सम्मान इन्ही से बढ़ाये छात्र जीवन का मान | https://goo.gl/images/NvG2S8 छात्र जीवन विद्यार्थियों के साथ - साथ माता - पिता व गुरुजनों के जीवन की भी सबसे बड़ी परीक्षा होती है | छात्र जीवन में ऐसा कोई काम न करें जिससे स्वयं को आत्म ग्लानि महसूस हो ,गुरुजन को ठ...

C B S E 12TH की डेट शीट हो चुकी है जारी

चित्र
                                 C B S E  की  12TH  की डेट  शीट हो चुकी है जारी        DATE SHEET CBSE की OFFICIAL WEBSITE पर देखें  एग्जाम के दिनों में तनाव कैसे कम करें  जैसे-जैसे परीक्षा नजदीक आती है एग्जाम का तनाव बढ़ता जाता है | यदि आप तनाव को खत्म करना चाहते हैं तो यह पांच तरीके अवश्य अपनाएं | https://goo.gl/images/XQttPu 1. परीक्षा के दिनों में स्वास्थ्य का बिगड़ना आपके तनाव को बढ़ा सकता है इसलिए स्वास्थ्य का ध्यान रखें , खान-पान का ध्यान रखें | नींद पूरी नहीं होने से शरीर तनाव ग्रस्त हो सकता है इसलिए कम से कम 6 घंटे की नींद अवश्य लें जिससे सुबह उठने पर ताजगी महसूस हो | https://goo.gl/images/CEJjJ4 2 . मन को प्रसन्न रखे सोच सकारात्मक रखें कम ज्यादा अंको की गणित में इस समय उलझकर तनाव नहीं बढ़ाएं |  3. परीक्षा के दिनों में सिर्फ उन्हीं प्रश्नों को दोहराएँ जिनका आपने पूर्ण अभ्यास किया है जिन प्रश्नो...

किताबी ज्ञान के साथ- साथ मानवीय और सामाजिक मुल्यों का विकास कर अपनी कॉलेज यात्रा को स्वर्णिम बनाया जा सकता है

चित्र
स्कूली जीवन  और कॉलेज जीवन में कुछ समानता  होती  है, कुछ असमानता |  स्कूली जीवन जहाँ  समय की पाबंदी ,दैनिक उपस्थिति, ड्रेस कोड, टीचर्स की नज़दीकी, होम वर्क का  तनाव बच्चे को स्कूली होने का एहसास कराता है |  स्कूलो में   पिंजरे के पंछी  तरह बच्चे फड़फड़ाते नज़र आतें हैं |  जैसे ही वे कॉलेज की दहलीज पर कदम रखते है ख़ुशी के मारे   उन्मुक्त गगन में पंछी की तरह चहकने और पंख फैलाकर उड़ने का मन करता है   |  https://goo.gl/images/ce9JkP  200 वर्षों की अंग्रेज़ों की गुलामी के बाद प्रथम स्वतंत्रंता दिवस मनाने पर जिस ख़ुशी  का एहसास लोगो को हुआ था वही एहसास  स्कूल से कॉलेज में पहुंचने पर विद्यार्थियों  को  होता नज़र आता है |  जो बच्चे इस स्वतंत्रंता का यूज़ करना चाहते हैं वो उड़ना तो चाहते हैं    लेकिन अपनी सरहदों को ध्यान में रखकर |   https://goo.gl/images/nv5ixE  कई विद्यार्थी इस स्वतंत्रता से , मिसगाइड  होते हैं वे इसका मिसयू...

मनोरंजन, खेलकूद पर पाबंदी लगाने के बजाए बच्चों को इनके शारीरिक , शैक्षणिक, नैतिक और सामाजिक महत्व को बताये

चित्र
   परीक्षा में कम अंक लाना माता- पिता और बच्चों के लिए चिंता का  विषय बन जाता है |  बच्चों के कम अंक आने पर माता- पिता निराश हो जातें हैं, बच्चे निराश हो जातें हैं,  लेकिन शैक्षणिक परीक्षा  में कम अंक पाना यह साबित  नहीं करता है  की आप जीवन की हर परीक्षा में कम अंक के योग्य हैं |  बच्चों  कम  अंको से निराश  माता पिता  https://goo.gl/images/EV95PG  यह बात माता- पिता को भी  समझनी होगी |  कम अंक आने पर कभी भी बच्चों को दोष नहीं दे न ही उन पर किसी प्रकार का दबाव   बनाऐ  इस बात के लिए  माता- पिता को निराश  और हताश होने की कतई  आवश्यकता नहीं है  बल्कि आवश्यकता है  बच्चों को प्रोत्साहित कर    उनका हौसला बढ़ाने की | https://goo.gl/images/GZ49Vz    बच्चों  और माता पिता दोनों को   कम अंक लाने   की वजह ढूंढनी चाहिए  आगे आने वाली शैक्षणिक  परीक्षा की तैयारी कैसे करें यह बात उनके टीचर से म...

गणित के लिए महत्व पूर्ण टिप्स

चित्र
यदि आप  दसवीं की परीक्षा दे रहे हैं तो आपके लिए हमारा यह ब्लॉग मददगार हो सकता है परीक्षा से पूर्व तैयारी कैसे करें ?अपना व्यवहार परीक्षा के दौरान कैसा रखें ? खान पान और स्वास्थ्य का ध्यान कैसे रखे ? क्या क्या सावधानियां एक परीक्षार्थी को परीक्षा के दौरान बरतनी चाहिए ?                                                                                            गणित के लिए महत्व पूर्ण टिप्स  https://goo.gl/images/FAf6iD माता पिता को आने बच्चों का परीक्षा के दौरान किस प्रकार ध्यान रखना चाहिए  ?और भी बहुत कुछ परीक्षा से सम्बंधित जानकारी आप जुटा सकते हैं हमारे इस चैनल के माध्यम से प्रतिदिन हमारे इस चैनल को देखते रहे कुछ न कुछ परीक्षा से सम्बंधित जानकारी इस पर आप को अवश्य मिलेगी आज हम आपके लिए लेकर आये हैं कुछ महत्वपूर्ण identities

क्या शिक्षा लेने और देने के अंतर् ने सामाजिक विषमता का दायरा और बढ़ा दिया है

चित्र
शिक्षा प्राप्त करना हर बच्चे का मूलभूत अधिकार है | शिक्षा के बिना हम एक सभ्य समाज की कल्पना को साकार नहीं कर सकते https://goo.gl/images/Hrz3Gu   लेकिन आज शिक्षा लेने और देने के अंतर् ने सामाजिक विषमता का दायरा और बढ़ा  दिया है  | जो आर्थिक और मानसिक सोच को दर्शा रहा है https://goo.gl/images/NoKqZj  इन  तस्वीरों में सामाजिक विषमता का फर्क साफ नजर आ रहा है | आर्थिक और शैक्षणिक पिछड़ेपन  की झलक इन तस्वीरों से प्रतीत हो रही है | https://goo.gl/images/QyRszg  जो लोगों  की सोच और मानसिकता को प्रभावित कर रही  है | यही वजह है की अपना पेट काट कर भी हर माता पिता अपने बच्चों  को यथा सम्भव अच्छी शिक्षा दिलाने की कोशिश कर रहे है | क्या शिक्षा की यह स्थिति देश की गंभीर समस्या नहीं है ? क्या बच्चो के बचपन की कीमत में उनका भविष्य तो नहीं खरीदा जा रहा | https://goo.gl/images/rCLyTz क्या आज हम शिक्षा और समझदारी में फर्क कर पा  रहे है?  क्या शिक्षा जैसी मूलभूत आवश्यकता का महंगा होता जाना चिंता का विषय नहीं है ? इन...

घोषित हुआ हरियाणा 10th बोर्ड का रिजल्ट

चित्र
कक्षा 10वी  हरियाणा बोर्ड के परीक्षार्थियों के लिए इंतज़ार की घडी समाप्त हो चुकी है आप अपने परिणाम जानने के लिए बहुत ही उत्सुक होंगे 10 वीं बोर्ड का परिणाम शिक्षा के क्षेत्र में बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान रखता है | यह आपकी  मेहनत पर निर्भर  करता है|  जितनी मेहनत की है परिणाम भी उसी के अनुसार प्राप्त होगा इसीलिए अब इंतज़ार कीजिये ख़त्म और अपना परिणाम जानने के लिए bseh.org.in  इस वेबसाइट पर जाइये अपना रोल नंबर डालिये और आपका परिणाम स्क्रीन पर होगा |                         कैसे जाने अपना परिणाम - 1. सबसे पहले bseh . org. in पर लोग इन करे | 2. उसके बाद hbse 10th result 2018  टैब देखे 3. haryana board results 2018 पर क्लिक करे | 4. अपना रोल नम्बर डाले |  5. अपने रिजल्ट को डाउनलोड करे |  परिणाम आने के बाद किसी को ख़ुशी मिलेगी तो कोई  दुखी होगा |  जिन लोगों के हाथ असफलता  लगी है उनका दुखी होना स्वाभाविक है |  उनके माता पिता...

जानिए बच्चों को क्यों देनी चाहिए उनकी रुचि के अनुसार कैरियर चुनने की स्वतंत्रता

चित्र
परीक्षा समाप्ति के बाद बच्चों व पेरेंट्स को रिजल्ट का इंतज़ार रहता है | जब तक परीक्षा समाप्त  नहीं हो जाती तब तक परीक्षा का तनाव रहता है  | जैसे ही परीक्षा समाप्त हो जाती है रिजल्ट का तनाव हो जाता  है  | कैसा रिजल्ट आएगा ? परसेंटेज कितनी बनेगी ? मार्क्स कम आए तो क्या होगा ? बच्चों को पेरेंट्स की  प्रतिष्ठा की चिंता पेरेंट्स को सॉसाइटी में बच्चों के अच्छे और बुरे प्रभाव की चिंता |  बारहवीं का रिजल्ट आने के पहले भी चिंता का विषय और आने के बाद भी चिंता का विषय |  रिजल्ट आने के बाद बच्चे को किस लाइन  में डालना है यह बात बड़ी चिंता का विषय होती है |  https://goo.gl/images/tBLGMW         कई बार रिजल्ट अच्छा नहीं आने से बच्चे व माता पिता दोनों निराशा का शिकार हो जातें हैं |  जिन बच्चौं के रिजल्ट अच्छे नहीं आतें हैं समाज में ऐसे बच्चों व माता पिता की प्रतिष्ठा  कम आँकी जाती है |  यह बात  माता पिता और  बच्चों के लिए  शर्मिंदगी का  करण बनती है |  जो उचित नहीं है | कभी भी बच्चों के ...

बारहवीं की परीक्षा के परिणाम से निराश न हो बच्चे व माता पिता

चित्र
आज किसी भी व्यक्ति के जीवन में सबसे ज्यादा तनाव है सबसे ज्यादा चिंता का विषय तो वह है बच्चों का भविष्य | बच्चों का भविष्य बनाने के लिए इंसान खुद का भविष्य दावं पर लगा देता है | कर्जा करके बच्चों की पढाई लिखाई की व्यवस्था अच्छी से अच्छी करने की कोशिश करता है | एक उम्मीद पालता है की अच्छी पढाई लिखाई से बच्चे का भविष्य संवर जाएगा | बच्चा कुछ बन जाएगा | यही वजह है की बारहवीं कक्षा में जब बच्चा पहुँचता है तो हर माता पिता की चिंताएं और बच्चे की चिंताएं बढ़ जाती है | https://goo.gl/images/gLKqbr  अक्सर बारहवीं कक्षा में माता पिता भी बच्चों से शुरुआत से दबाव बनाना शुरू कर देतें हैं बच्चों के लिए भी यह चिंता का विषय इसलिए होता है की बारहवीं के रिजल्ट के आधार पर ही उन्हें आगे के अपने करियर के बारे में निर्णय लेना पड़ता है | माता पिता की चिंता का विषय भी यही होता है | और यही वजह दबाव का कारण बनती है | लेकिन अक्सर लोग भूल जातें की जीवन में किसी एक लक्ष्य को पूरा नहीं कर पाने से ज़िंदगी ख़त्म नहीं हो जाती है |  https://goo.gl/images/Qkxqdr यदि बारहवीं कक्षा में आपके अनुरूप सफल...